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Nifty@21000: टाटा मोटर्स और SBI सहित 19 शेयर अपने लॉन्ग टर्म एवरेज के नीचे, जानिए इन पर एक्सपर्ट्स की राय

Nifty@21000 : 8 दिसंबर को निफ्टी के 21,000 अंक को छूने के साथ, अब सभी की निगाहें वैल्यूएशन पर हैं। निफ्टी में लगभग 19 शेयरों का प्राइस-टू-अर्निंग(पी/ई) अनुपात उनके दस साल के औसत पी/ई से नीचे कारोबार कर रहा है, ये इस बात का संकेत है कि बाजार में अभी और तेजी आने की गुंजाइश है। एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, इंडसइंड बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और भारतीय स्टेट बैंक जैसे फाइनेंशियल शेयर भी अपने 10 साल के औसत पी/ई से नीचे कारोबार कर रहे हैं। हालांकि पी/ई अनुपात बैंकों के लिए सबसे बेहतर मानक नहीं है, अधिकांश फाइनेंशियल शेयरों के लिए प्राइस-टू-बुक रेशियो भी लॉन्ग टर्म औसत से नीचे है।

इन शेयरों में टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आयशर मोटर्स और हीरो मोटोकॉर्प जैसे कई ऑटो शेयर भी शामिल हैं। प्रीमियमाइजेशन थीम के चलते मांग में आई तेजी कारण 2023 में इन शेयरों में 25-80 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। तेजी के बावजूद ये स्टॉक लंबी अवधि के औसत वैल्यूएशन से नीचे हैं।

आनंद राठी के एनालिस्टों के मुताबिक, शादी/त्योहार के मौसम और चुनाव से पहले सरकारी खर्च में बढ़ोतरी के साथ कुल मिलाकर ऑटो वॉल्यूम में तेजी जारी रहेगी। ब्रोकिंग फर्म आनंद राठी ने कहा, “हम ऑटो सेक्टर पर अपना पॉजिटिव नजरिया बरकरार रखे हुए हैं। हमारी पसंदीदा ओईएम पसंद हीरो मोटोकॉर्प, टाटा मोटर्स और बजाज ऑटो हैं।”

दूसरे स्टॉक जो लॉन्ग टर्म औसत से नीचे कारोबार कर रहे हैं उनमें ओएनजीसी, कोल इंडिया, अपोलो हॉस्पिटल्स, ग्रासिम, डॉ रेड्डीज, सिप्ला, हिंडाल्को और एलटीआईमाइंडट्री के नाम शामिल हैं।

दूसरी ओर, लगभग 27 स्टॉक अपने लॉन्ग टर्म एवरेज वैल्यूएशन से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इनमें आईटीसी, टाटा कंज्यूमर, एशियन पेंट्स, टाइटन, ब्रिटानिया और एचयूएल जैसे उपभोक्ता स्टॉक शामिल हैं। चूंकि ग्रामीण मांग में सुधार सुस्त है और वॉल्यूम में बढ़त की स्थति साफ नहीं है। ऐसे में कंज्यूमर स्टेपल सेक्टर पर विश्लेषकों का नजरिया बहुत पॉजिटिव नहीं है।

आईटी शेयर भी अपने लॉन्ग टर्म एवरेज वैल्यूएशन से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। कई आईटी शेयरों की प्रति शेयर आय ब्रोकरेज द्वारा कम कर दी गई क्योंकि कंपनियों ने पश्चिम में मंदी के बीच कमजोर आय की जानकारी दी थी। आईटी सेक्टर पर जारी की गई रिपोर्ट में, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा है कि अधिकांश कंपनियां लागत में कमी पर फोकस कर रही हैं । साल 2024 की पहली छमाही में गैरजरूरी खर्च में सुधार की संभावना का संकेत नहीं हैं। एलारा कैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में आगे कहा है कि बीएफएसआई, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे बड़े सेक्टरो में लगातार गिरावट जारी है। इसका खामियाजा आईटी सेक्टर को भुगतना पड़ सकता है।

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कुछ ऐसे शेयर भी हैं जो अपने ऐतिहासिक औसत से ऊपर कारोबार कर रहे हैं फिर भी विश्लेषकों को इनमें और तेजी आने की उम्मीद है। इनमें एलएंडटी का नाम सबसे आगे है। 2023 में अब तक एलएंडटी के शेयरों में 58 फीसदी की देखने को मिल चुकी है। विश्लेषकों का मानना ​​है कि मजबूत ऑर्डर बुक के कारण इस स्टॉक में अभी और बढ़त की गुंजाइश है।

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