पर्यावरण

लीबिया बाढ़: त्रासदी अभी ख़त्म नहीं हुई है, यूनीसेफ़

चक्रवात डेनियल को, अफ़्रीका के इतिहास में सबसे घातक तूफ़ान बताया गया है.

यूनीसेफ़ ने कहा है कि अनिवार्य सेवाओं के अभाव में, और भी बहुत से बच्चे प्रभावित हैं, जिनमें स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा और जल आपूर्ति का अभाव शामिल है.

यूनीसेफ़ की क्षेत्रीय निदेशक ऐदीले ख़ोद्र ने कुछ प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने के बाद कहा है, “जब त्रासदियाँ तबाही मचाती हैं तो, बच्चे ही सर्वाधिक प्रभावितों में होते हैं.”

भयावह बाढ़

चक्रवाती तूफ़ान डेनियल ने, लीबिया के अनेक पूर्वी इलाक़ों में भारी तबाही मचाई है. भारी बारिश और दो बान्ध टूट जाने से अनेक शहरों के भीषण नुक़सान पहुँचा और अनेक बस्तियाँ तो भूमध्य सागर में बह गईं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इन बाढ़ों में लगभग 4 हज़ार लोगों की मौत हो गई और अब भी क़रीब 9 हज़ार लोग लापता हैं.

अधिकतर लापता लोगों को मृतक समझ लिया गया है, और अनेक शव अब भी या तो मलबे में फँसे हुए हैं या समुद्र में बह गए हैं. अनेक लोगों को अब भी अपने प्रियजन के जीवित होने की आशा है. बहुत विस्थापित परिवारों को स्कूलों में शरण लेनी पड़ी है.

दिन-रात भयावह यादें

क्षेत्रीय निदेशक ऐदीले ख़ोद्र का कहना है, “बाढ़ का जो भीषण असर बच्चों व परिवारों पर हुआ है, वो मैंने अपनी आँखों से प्रत्यक्ष देखा है. मैंने ऐसे परिवारों से मुलाक़ात की है जो मनोवैज्ञानिक बोझ में जी रहे हैं और अत्यधिक तनाव और दबाव का सामना कर रहे बच्चों से भी मुलाक़ात की है.”

“उनमें से बहुत से बच्चे तो ना किसी से बात कर पा रहे हैं और ना किसी खेलकूद गतिविधि में हिस्सा ले पा रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “जो कुछ भी हुआ है, उसकी भयावह यादें, उनके सपनों और उनके ख़यालों में है.”

“अब समय है कि पुनर्बहाली पर ध्यान केन्द्रित किया जाए, जिसमें स्कूलों को फिर से खोला जाना, मनोवैज्ञानिक समर्थन मुहैया कराना, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की सुविधाओं को बहाल करना और जल आपूर्ति व्यवस्थाओं को बहाल करना शामिल है.”

“ये त्रासदी अभी ख़त्म नहीं हुई है, और हम डेरना और अल बायदा के बच्चों को भुला नहीं सकते हैं.”

मदद के लिए पुकार

हताहतों में अभी बच्चों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है, मगर यूनीसेफ़ को आशंका है कि इस त्रासदी में सैकड़ों बच्चों की मौत हुई है, क्योंकि कुल आबादी में बच्चों की संख्या लगभग 40 प्रतिशत है.

स्वास्थ्य और बुनियादी ढाँचे को बड़े पैमाने पर हुए नुक़सान का मतलब है कि बच्चे एक बार फिर, अपनी शिक्षा में बाधा की चपेट में आ गए हैं, और उनके लिए घातक बीमारियों का जोखिम भी उत्पन्न हो गया है.

प्रभावित क्षेत्र में, 117 स्कूलों में से, 80 को आंशिक रूप से हानि पहुँची है.

उम्मीद की रस्सी

यूनीसेफ़ लीबिया के पूर्वी हिस्से में आई त्रासदी के दूसरे दिन से ही बच्चों की मदद में सक्रिय है. प्रभावित इलाक़ों में 65 मीट्रिक टन राहत सामग्री पहुँचाई गई है, जिनमें 50 हज़ार लोगों के लिए तीन महीने तक काम आने वाला चिकित्सा सामान भी शामिल है. 

यूएन बाल एजेंसी ने सचल बाल संरक्षण और मनोवैज्ञानिक समर्थन टीमें भी रवाना की हैं.

यूनीसेफ़ ने अपने सहायता प्रयास जारी रखने के बीच, देश के अधिकारियों व दानदाताओं से, एक ऐसी दीर्घकालीन पुनर्बहाली में संसाधन निवेश करने की अपील की है जो समान हो, सहनशील हो और जिसमें बच्चों पर ख़ास ध्यान हो.

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