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अब एनएसई को मिलेंगे 1,000 करोड़ रुपये

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प्रतिभूति अपील पंचाट (सैट) से नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को कोलोकेशन मामले में मिली राहत से 1,000 करोड़ रुपये तक मुक्त हो सकते हैं। यह रकम बाजार नियामक सेबी के पास जमा कराई गई है।

30 सितंबर, 2022 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे के मुताबिक, एनएसई ने बाजार नियामक के साल 2019 के जुर्माने की कार्रवाई के तहत सेबी के पास कुल 1,108 करोड़ रुपये जमा कराए थे।

अवैध कमाई की वापसी वाले आदेश को दरकिनार करते हुए सैट ने एनएसई में हुई कुछ निश्चित गड़बड़ी पर जुर्माना घटाकर महज 100 करोड़ रुपये कर दिया है।

सैट ने 23 जनवरी के 235 पेज के आदेश में कहा गया है, अवैध कमाई पर निर्देश अनुचित था लेकिन अपीलकर्ता एनएसई को खुला छोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती और उसे मानवीय नाकामी के ड्यू डिलिजेंस की खामी की कीमत चुकाने की दरकार है। हमारी राय है कि एनएसई को इस खामी के लिए 100 करोड़ रुपये चुकाना  चाहिए, जिसकी उम्मीद पहले स्तर के नियामक से नहीं है और यह निरोधक के तौर पर काम करेगा।

पंचाट ने सेबी को निर्देश दिया है कि वह एनएसई की तरफ से जमा रकम में 100 करोड़ रुपये का जुर्माना समायोजित कर ले।

सेबी को ब्याज समेत बाकी रकम छह महीने के भीतर रिफंड करने का निर्देश दिया गया है। बाजार नियामक की तरफ से रिफंड से एक्सचेंज को करीब 1,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

लौटाई जाने वाली यह रकम सितंबर 2022 की तिमाही में एक्सचेंज को हुए मुनाफे के करीब दो तिहाई के बराबर होगी। एनएसई ने दूसरी तिमाही में 1,774 करोड़ रुपये का शुद्ध‍ लाभ अर्जित किया था और कुल आय 3,372 करोड़ रुपये रही थी।

30 अप्रैल, 2019 के आदेश में सेबी ने एनएसई को अवैध कमाई के 624 करोड़ रुपये 12 फीसदी ब्याज के साथ जमा कराने को कहा था और ब्याज की गणना 1 अप्रैल, 2014 से होनी थी। लौटाई जाने वाली अवैध कमाई की कुल रकम 1,185 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई होती, अगर पंचाट इस आदेश को दरकिनार नहीं करता।

मई 2019 और मई 2021 के पंचाट के पिछले अंतरिम आदेश के मुताबिक एक्सचेंज ने बाजार नियामक के पास यह रकम जमा कराई।

कोलेकेशन मामले में अंतिम आदेश जारी करने से पहले सेबी ने साल 2016 में एनएसई को कोलेकेशन से मिलने वाले राजस्व को एक अलग खाते में हस्तांतरित करने का निर्देश दिया था और यह कथित अनियमितता की जांच लंबित रहने के बीच हुआ था।

सैट ने मई 2021 में एनएसई की अपील सुनी और एक्सचेंज को उस खाते में हस्तांतरित रकम निकालने की इजाजत के साथ भविष्य में राजस्व की रकम हस्तांतरित न करने को कहा। एनएसई व सेबी ने बिजनेस स्टैंडर्ड के सवालों के जवाब नहीं दिए।

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